Saturday, January 26, 2008

7 संकल्प

रेजॅल्यूशॅन लें जरूर, लेकिन दिल से, क्योंकि ये राष्ट्रीय संकल्प हैं, जिन्हें पूरी ईमानदारी से अपनाना आपके और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए निहायत जरूरी है।

1. पर्यावरण संरक्षण : सीधे तौर पर यही कहना चाहता हूं कि अगर आप अच्छे माहौल में रहना चाहते हैं, तो पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझ इसके प्रति हमेशा कॉन्शियस रहें। ग्लोबल वॉर्मिग, ग्लेशियर्स का पिघलना, ओजोन की परत में छेद के आकार में हो रही वृद्धि आदि के कारण आने वाले समय में पृथ्वी पर जीवन जीना बहुत मुश्किल हो जाएगा। इसलिए फ्रेंड्स आपको पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गंभीरतापूर्वक कदम उठाने होंगे और इसके लिए आपको कुछ टिप्स अपनाने होंगे, जैसे-पॉलिथिन बैग का प्रयोग न करें, इधर-उधर गंदगी न फैलाएं और पेड-पौधे जरूर लगाएं इत्यादि।
2. जल संरक्षण : यह भी पर्यावरण से ही जुडा है, लेकिन अपने आप में यह एक बहुत बडा मुद्दा है। आप इसके लिए कुछ छोटे-छोटे टिप्स अपनाकर काफी पानी बचा सकते हैं। मसलन, पेस्ट करने वक्त रनिंग वॉटर का प्रयोग न करें, नहाते समय रोजाना बाथ-टब, शॉवर का प्रयोग न करें आदि।
साथ ही, आप पानी की इंपॉर्टेस को लेकर अपने पैरेंट्स को भी एजुकेट करें। मसलन, घर की रसोई से निकलने वाले ऑर्गेनिक वेस्ट वाले वॉटर को गार्डनिंग में प्रयोग करें, ताकि सिंचाई भी हो जाए और पानी भी बर्बाद न हो। वॉटर हार्वेस्टिंग के बारे में लोगों को जागरूक करें, क्योंकि इसके माध्यम से बहुत-सा पानी वेस्ट होने से बच जाता है।

3. स्वस्थ समाज : याद रखें कि द चाइल्ड इज फादर ऑफ द मैन, मतलब साफ है कि आप बच्चे ही कल की सोसाइटी के निर्माता हैं, इसलिए भविष्य के समाज का स्वरूप आप पर ही निर्भर है।
इस बारे में एक उदाहरण पेश है :
एक बार एक बच्चा वर्ल्ड मैप पजल सॉल्व कर रहा था। इस पजल में मैप के बहुत सारे टुकडे थे और उनके पीछे एक बच्चे की तस्वीर बनी हुई थी। उस बच्चे ने वर्ल्ड मैप जोडने के लिए टुकडों के पीछे बनी बच्चे की आकृति जोडना शुरू किया और कुछ ही समय में सही आकृति बन गई। जब उसने उस आकृति को पलटा, तो पाया कि दुनिया का नक्शा अपने आप बन गया। इस लघु कथा को बताने का तात्पर्य यही है कि अगर आप शुरू से सही दिशा में सच्चे मन से कार्य करें, तो दुनिया भी अपने आप सही तरीके से चलती रहेगी।
4. सुशिक्षित समाज : एजुकेशन समाज के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि शिक्षा ही सही-गलत का ज्ञान देती है। चूंकि आप लोग ही आने वाले समय में समाज के कर्णधार हैं, इसलिए अगर आप एजुकेटेड होंगे, तो सोसाइटी अपने आप एजुकेटेड हो जाएगी।
5. ई-लर्निग : आज के समय में कम्प्यूटर एजुकेशन तरक्की के लिए बहुत जरूरी है। आप की जेनरेशन तो वैसे ही टेक्नोसेवी जेन कहलाती है। वैसे, टेक्नोलॉजी के बेनिफिट्स की बात तो ठीक है, पर आप इसके निगॅटिव एस्पेक्ट्स में कभी न फंसें।
6. मैनर्स ऐंड एटिकेट्स : आपके लिए बहुत जरूरी है कि आप इस एज में ही अच्छे मैनर्स और एटिकेट्स सीख लें, क्योंकि ये अच्छे मैनर्स व एटिकेट्स यदि एक बार आपकी आदत में शुमार जाए, तो फिर ये न केवल जीवनभर आपसे जुडे रहेंगे, बल्कि सही-गलत की पहचान करने में भी मददगार साबित होंगे।
मेरा सुझाव है कि आप थैंक-यू, सॉरी जैसे शब्दों को अपनी भाषा-शैली में शामिल कीजिए और याद रखिए कि सभी इनसान बराबर होते हैं, इसलिए आज से जब भी आप रिक्शे से कहीं जाएं, तो उससे उतरने के बाद रिक्शे वाले को थैंक-यू कहना मत भूलें और हां, स्कूल ले जाने वाले ऑटोरिक्शा वाले को उनका नाम न लेकर, उन्हें अंकल या भइया कहकर पुकारें।
कुछ छोटी-छोटी बातें, जैसे-कुर्सी उठाते समय आवाज न करना, किसी भी चीज का इस्तेमाल करने के बाद उसके नियत स्थान पर उसे वापस रखना, खाना चबाते समय आवाज न करना, बडे लोगों या किसी जानकार से कहीं भी मिलने पर उन्हें हमेशा ग्रीट करना इत्यादि बातों पर वर्क-आउट कर आप सही मायने में एक नोबल परसन बन सकेंगे।

7. एटिटयूड/बिहेवियर : आल्वेज बी पॉजिटिव ऐंड थिंक ऑप्टिमिस्टिक, क्योंकि सक्सेसफुल लाइफ का यही फंडा है। इसके लिए आप मोटिवेशनल आर्टिकल्स, मोटिवेशनल्स गुरु जैसे शिव खेडा आदि की किताबें जरूर पढें। याद रखिए कि आप जो पढते हैं, हो सकता है कि वे तुरंत आपके काम न आएं, पर जीवन में आगे यह बहुत काम आता है। दरअसल ऐसा करने से आपको जीवन में चुनौतियों और हार का सामना कैसे किया जाए, इसका भी ज्ञान हो जाता है।